मिर्जापुर का लहुरीया दह मजरा आज भी देख रहा है विकास की राह, नहीं मिल रही कोई सरकारी सुविधा
उप्र के मिर्जापुर जनपद के हलिया विकास खंड का देवहट कटरा ग्रामसभा का लहुरीया दह मजरा आज भी अपने विकास की राह देख रहा है।
मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट
मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मिर्जापुर जनपद के हलिया विकास खंड का देवहट कटरा ग्रामसभा का लहुरीया दह मजरा आज भी अपने विकास की राह देख रहा है। देवहट कटरा से लगभग 8 किलोमीटर की ऊंचाई वाली पहाड़ी पर बसे गाव के लोगो जीवन मुश्किलो भरा है।
दुर्गम पहाड़ियो पर जीव यापन कर रहे लोग उपेक्षा का शिकार हैं। इन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नही मिलता। गांव मे ना तो किसी मे पास स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गये शौचालय हैं और ना ही प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ।
लहुरीया दह गांव पूर्व IAS दिव्या मित्तल द्वारा प्रकाश में लाया गया। वहां लोगो के पीने के पानी की व्यवस्था आज भी फटेहाल है। दिव्या मित्तल ने डीएम रहते वहां पानी पहुंचाया तो था किन्तु यह बात सांसद को रास नही आई और उनका ट्रान्सफर करवा दिया।
आज भी गाव मे लगभग 700 से 800 मकान कच्चे है। मूलभूत सुविधाओ से वंचित यहां के लोग आज भी पीने के लिए पानी पहाड़ी झरने से लेते हैं क्योंकि तीन से चार दिन में स्वजल धारा मिशन की टंकी को पानी दिया जाता है।
उज्वला योजना का पता नही। वृद्धा, विधवा, विकलांग पेंशन क्या होता है किसी को मालूम नही। जबकि यह मजरा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसा है। दो तीन राज्यो को जोड़ता है फिर भी स्थिति बदतर है।
हालांकि ग्रामसभा के पैसे का खूब आहरण किया गया है लेकिन कागजो को दुरुस्त रक्खा गया। पैसे का बन्दर बाट भी हुआ है लेकिन जब ग्राम प्रधान से बात की गयी तो उन्होंने कहा सारा काम ग्राम पंचायत अधिकारी ही करते हैं। हम तो इस्तीफा देना चाहते हैं।
वैसे भी 5 साल बीत चुके है। कुल मिला कर यू कहा जा सकता है कि जिले के अधिकारी अगर भ्रष्टाचार न करे तो योजनाए धरातल पर दिखेगी लेकिन मुख्यमंत्री का भष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश का सपना यहां कभी पूरा नही होगा।



