प्रतापगढ़ में सिलेंडरों से हो रही गैस चोरी के बड़े खेल का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार
उप्र के प्रतापगढ़ जनपद में गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग और गैस चोरी के बड़े खेल का देहात कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद में गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग और गैस चोरी के बड़े खेल का देहात कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना प्रभारी पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गैस चोरी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिकअप वाहन, छोटे-बड़े दर्जनों गैस सिलेंडर, गैस चोरी करने के उपकरण और सिलेंडरों पर दोबारा सील लगाने की मशीन बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी गैस एजेंसियों से सिलेंडर लेकर ग्राहकों तक पहुंचाने के रास्ते में उन्हें सकरौली गांव स्थित एक बाग में ले जाते थे। वहां सिलेंडरों से करीब तीन से चार किलो तक गैस निकाल ली जाती थी। इसके बाद सिलेंडर में चोरी की गई गैस की कमी को छिपाने के लिए उसे दोबारा सील-पैक कर दिया जाता था।
बाद में यही सिलेंडर ग्राहकों के घरों तक पहुंचाए जाते थे। एजेंसी के कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप प्रारंभिक जांच में इस पूरे खेल में गैस एजेंसियों से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आने की बात कही जा रही है।
पुलिस कार्रवाई में कटरा स्थित सौरभ इंडेन समेत कई एजेंसियों से जुड़े कर्मचारियों के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। ग्राहक को लगता था पूरा सिलेंडर मिला गिरोह का तरीका बेहद शातिराना बताया जा रहा है।
एजेंसी से सिलेंडर लोड होने के बाद उसे सीधे ग्राहक तक पहुंचाने के बजाय बीच रास्ते में सुनसान स्थान पर ले जाया जाता था। वहां सिलेंडर से गैस निकालने के बाद उसकी सील दोबारा लगा दी जाती थी। इससे ग्राहक को सिलेंडर बाहर से पूरी तरह पैक दिखाई देता था, जबकि उसके अंदर निर्धारित मात्रा से कम गैस होती थी।
जिले में बड़े पैमाने पर कार्रवाई देहात कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में गैस चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और गैस चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के साथ गिरोह को पकड़ा जाना महत्वपूर्ण सफलता है।
पुलिस अब बरामद सिलेंडरों और वाहनों के संबंध में दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितने सिलेंडरों से गैस निकाली और इस अवैध धंधे से कितने लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद गैस एजेंसियों और उनके डिलीवरी नेटवर्क में भी हड़कंप मचा हुआ है। मामले में आगे की जांच और पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।




