उरई: कालपी बार संघ अध्यक्ष की अपहरण के बाद हत्या, कानपुर में मिला शव; अधिवक्ताओं में आक्रोश
उप्र के जालौन जनपद में कालपी बार संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार (70) की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शनिवार शाम कालपी के दुर्गा मंदिर चौराहे से कार सवार बदमाशों ने उनका अपहरण किया था।
जालौन से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के जालौन जनपद में कालपी बार संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार (70) की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शनिवार शाम कालपी के दुर्गा मंदिर चौराहे से कार सवार बदमाशों ने उनका अपहरण किया था। रविवार सुबह कानपुर के सचेंडी/गुजैनी क्षेत्र में उनका शव बरामद होने से पूरे अधिवक्ता समुदाय और स्थानीय लोगों में शोक व आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, गयादीन अहिरवार शनिवार को किसी काम से उरई गए थे और दोपहर करीब चार बजे रोडवेज बस से कालपी के दुर्गा मंदिर चौराहे पर उतरे। वहां पहले से खड़ी बिना नंबर प्लेट वाली कार के पास मौजूद एक युवक ने उनसे बात की और कथित तौर पर केस की फाइल देने के बहाने उन्हें कार में बैठाकर ले गया।
इसके बाद अधिवक्ता का मोबाइल फोन बंद हो गया। देर शाम तक घर न लौटने पर पुत्र हर्ष मित्रा ने बार संघ के अधिवक्ताओं को सूचित किया। उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ कालपी कोतवाली पहुंचकर पिता के लापता होने की तहरीर दी और सकुशल बरामदगी तथा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू की और रातभर तलाश जारी रखी। रविवार सुबह कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र की गुजैनी नहर से उनका शव बरामद हुआ। परिजनों ने शव की पहचान गयादीन अहिरवार के रूप में की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कालपी और आसपास के अधिवक्ताओं में गहरा रोष फैल गया। वकीलों का कहना है कि बार संघ के अध्यक्ष की इस तरह हत्या कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कालपी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन तीन थानों की फोर्स के साथ पीएसी बल तैनात किया गया है। पुलिस ने घटना की जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अपहरण में इस्तेमाल की गई कार के सुराग खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पुराना जमीनी विवाद व संपत्ति से जुड़ी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि आरोपियों की पहचान और वारदात की पूरी परिस्थितियों का आधिकारिक खुलासा अभी बाकी है।
पुलिस का कहना है कि अपहरण और हत्या के मामले में कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा। इस बीच कालपी के अधिवक्ता समुदाय में शोक के साथ आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद रावत ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार उरई से कालपी बस स्टैंड पर पहुंचे तो एक गाड़ी में चार बैठे जो उनका इंतजार कर रहे थे उनमें से एक उतरकर अधिवक्ता से बात करने लगा और उसने गाड़ी में बैठा लिया गाड़ी को कानपुर की ओर ले गए।
उन्होंने बताया कि पूरी रात्रि सर्विलांस एवं कालपी थाने की पुलिस ने खोज की लेकिन सफलता मिली तभी सचेंडी थाना अंतर्गत एक शब बरामद हुआ जिसकी निशानदेही गयादीन अहिरवार ने की थी.
उन्होंने यह की बताया कि किसी जमीन का मामला था जिसकी वजह से ये किया गया। उन्होंने बताया कि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया गाड़ी को भी बरामद कर लिया गया जिससे अधिवक्ता को ले जाया गया था।



