पीलीभीत: नहर विभाग की मिट्टी के खनन से आम लोगों चलना दूभर, रास्तों की हालत खस्ता
उप्र के पीलीभीत जनपद में नहर विभाग की मिट्टी के खनन से आम लोगों का रास्तों पर निकलना कठिन हो गया है। ओवरलोड ट्राली निकलने से रास्तों की हालत खस्ताहाल हो गई है।
पीलीभीत से प्रेमदेव पाठक की रिपोर्ट
पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद में नहर विभाग की मिट्टी के खनन से आम लोगों का रास्तों पर निकलना कठिन हो गया है। ओवरलोड ट्राली निकलने से रास्तों की हालत खस्ताहाल हो गई है।
उक्त समस्या पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ज़िले में कहीं भी खनन हो, जरूरी सावधानियां बरतनी होगी तभी खनन हो सकता है। ओवरलोड ट्राली नहीं भरी जायेगी और जब ट्राली भरी जायेगी तब उसके ऊपर तिरपाल से मिट्टी को ढक कर चलना जरूरी है ताकि राहगीरों को कोई दिक्कत न हो।
हालांकि मौके पर सच्चाई कुछ अलग है। यदि मौके पर सच्चाई देखी जाए तो जिन रास्तों पर ट्राली निकलतीं है, उन रास्तों पर बरसात के समय में निकलना बहुत ही कठिन होगा।
वहीं दूसरी ओर ओवर लोड ट्राली चलने से इतनी धूल उड़ती है की ट्राली के पास से निकलना न मुमकिन होता है और ओवर लोड ट्राली चलने से स्थानीय लोगों में भारी रोष है।
उपजिलाधिकारी अमरिया मयंक गोस्वामी को यदि कोई फोन पर जानकारी देना चाहे तो वह फोन भी नहीं उठाते। अब ऐसे में कोई शिकायत करें तो किससे। तहसील के अधिकारी अनजान बने रहते हैं और जनता को भारी परेशानी से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है की नहर के किनारों से यदि अधिक मिट्टी उठा ली गई तो आगे आने वाले बरसात के दिनों में पानी नहर के किनारों को तोड़ कर नजदीक के गांवो में घुस जायेगा जिससे बहुत नुक्सान होने का भय लगा रहता है।
जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और जिलाधिकारी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। अब देखना यह है कि इन ओवरलोड ट्रालियों पर कब कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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