प्रतापगढ़: अयोध्या धाम की पदयात्रा पर निकले बुजुर्ग संतों का चिलबिला में स्वागत, अंगवस्त्र पहनाकर किया सम्मान
अलीगढ़ से अयोध्या धाम की पदयात्रा पर निकले बुजुर्ग संतों के जत्थे का रविवार को उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के चिलबिला के प्राचीन श्री हनुमान मंदिर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। अलीगढ़ से अयोध्या धाम की पदयात्रा पर निकले बुजुर्ग संतों के जत्थे का रविवार को उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के चिलबिला के प्राचीन श्री हनुमान मंदिर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।
मंदिर समिति के महासचिव एवं समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने संतों का अंगवस्त्र पहनाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया। मंदिर परिसर में संतों के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की गई।
76 वर्षीय संत मोहनदास महाराज के नेतृत्व में 12 बुजुर्ग संतों ने 30 अगस्त को अलीगढ़ से पदयात्रा शुरू की थी। यात्रा चित्रकूट धाम और प्रयागराज होते हुए चिलबिला पहुंची। यहां पहुंचने पर संतों ने स्नान कर श्री हनुमान जी महाराज का विधिवत पूजन-अर्चन किया और मंदिर में विश्राम करने के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
संतों की इस धार्मिक पदयात्रा की खास बात यह है कि उनके साथ चल रहे ट्रैक्टर पर श्रीराम दरबार स्थापित है और श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ निरंतर चल रहा है।
दो-दो संत बारी-बारी से मानस पाठ करते हैं, जबकि अन्य संत पैदल यात्रा करते हैं। चित्रकूट धाम में एक बार अखंड पाठ पूरा हो चुका है और वर्तमान में दूसरी बार अखंड पाठ चल रहा है।
पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे मोहनदास महाराज ने बताया कि अलीगढ़ से यात्रा प्रारंभ करने के बाद चित्रकूट पहुंचकर कामदगिरि की परिक्रमा की गई। इसके बाद प्रयागराज में स्नान कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हुए यात्रा आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि चिलबिला स्थित श्री हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन और संतों के सम्मान से सभी यात्री अभिभूत हैं। आगे अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया जाएगा।
समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा, “बुजुर्ग संतों की सेवा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिलना हनुमान जी महाराज की कृपा है। संतों का सम्मान और सेवा हमारे लिए सौभाग्य की बात है।




