पैकेजिंग इंडस्ट्री में नई क्रांति लेकर आया है भारतीय पैकेजिंग संस्थान लखनऊ, निदेशक ने की प्रगति एवं अवसंरचना विकास की समीक्षा

भारत में रोज़गार को लेकर चल रही तमाम गतिविधियों के बीच एक नए क्षितिज का उदय हुआ है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान देश में पैकेजिंग इंडस्ट्री एक नई क्रांति लेकर आई है।

पैकेजिंग इंडस्ट्री में नई क्रांति लेकर आया है भारतीय पैकेजिंग संस्थान लखनऊ, निदेशक ने की प्रगति एवं अवसंरचना विकास की समीक्षा

लखनऊ से अभिलाष भट्ट/रजनीश छवि की रिपोर्ट

लखनऊ/जनमत न्यूज़। भारत में रोज़गार को लेकर चल रही तमाम गतिविधियों के बीच एक नए क्षितिज का उदय हुआ है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान देश में पैकेजिंग इंडस्ट्री एक नई क्रांति लेकर आई है। इसी के सन्दर्भ में भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) का आठवां केंद्र उप्र की राजधानी लखनऊ में खुला है।   

लखनऊ में भारतीय पैकेजिंग संस्थान का केंद्र खुलना उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पैकेजिंग के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा, डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण, सामग्री प्रबंधन और आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह केंद्र युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।

रोजगारपरक शिक्षा पर भारतीय पैकेजिंग संस्थान का विशेष फोकस

भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) को देश में पैकेजिंग शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में देखा जाता है। संस्थान का जोर केवल छात्रों को सैद्धांतिक जानकारी देने पर नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर है।

पैकेजिंग इंडस्ट्री में डिजाइन से लेकर उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, परीक्षण, सामग्री चयन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग मशीनरी और उत्पाद की सुरक्षा तक कई अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। ऐसे में IIP के माध्यम से छात्रों को पैकेजिंग से संबंधित विभिन्न विधाओं की जानकारी दी जा रही है।

संस्थान की शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है। यही वजह है कि IIP को परिणाम-उन्मुख संस्थान के तौर पर भी पहचान मिल रही है।

संस्थान से जुड़े पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने का प्रयास किया जाता है, जिससे वे पढ़ाई पूरी करने के बाद पैकेजिंग क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकें।

लखनऊ केंद्र से पूर्वांचल और मध्य यूपी के युवाओं को भी लाभ

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश के विस्तार के साथ पैकेजिंग सेक्टर की भूमिका भी तेजी से बढ़ रही है। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग, दवा उद्योग, हस्तशिल्प, एमएसएमई और निर्यात कारोबार से जुड़े संस्थानों की संख्या बढ़ने के कारण पैकेजिंग से प्रशिक्षित युवाओं की मांग भी बढ़ रही है।

लखनऊ में IIP का केंद्र स्थापित होने से राजधानी के साथ-साथ आसपास के जिलों और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले विद्यार्थियों को पैकेजिंग क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं को अपने ही राज्य में आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्राप्त करने की सुविधा मिल सकेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने में पैकेजिंग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उत्पाद की सुरक्षा, उसकी गुणवत्ता को बनाए रखना, आकर्षक प्रस्तुति, परिवहन के दौरान होने वाले नुकसान से बचाव और उपभोक्ता तक सही स्थिति में पहुंचाने के लिए आधुनिक पैकेजिंग तकनीक जरूरी है। ऐसे में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है।

इसी क्रम में भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) के निदेशक, ज्ञानेश्वर बी. पाटिल IAS ने IIP लखनऊ केंद्र का दौरा कर शैक्षणिक गतिविधियों, अवसंरचना विकास एवं चल रही पहलों की समीक्षा की।

उन्होंने संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं संबंधित हितधारकों से संवाद किया तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, प्रयोगशाला सुविधाओं, उद्योग सहभागिता एवं भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी ली।

IIP निदेशक ज्ञानेश्वर बी. पाटिल ने कहा IIP का पाठ्यक्रम इस तरह से बनाया गया है कि छात्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्राप्त होटा है। यही वजह है कि IIP के सभी संस्थानों का प्लेसमेंट शत-प्रतिशत रहता है।

समीक्षा बैठक में बद्री प्रसाद, अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम (UPSIC); गौरव विवेक, सहायक आयुक्त, निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो (EPB); UIED के प्रतिनिधि तथा IIP लखनऊ के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

निदेशक ने TIES योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा मंत्रालय द्वारा निर्धारित निर्देशानुसार शेष कार्यों को नवंबर के अंत तक गुणवत्ता एवं कार्यात्मकता पर विशेष ध्यान देते हुए पूरा करने के निर्देश दिए।

प्रो. (डॉ.) तनवीर आलम, प्रभारी, IIP लखनऊ केंद्र ने केंद्र की प्रमुख उपलब्धियों एवं गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण दिया। निदेशक ने प्रगति की सराहना करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता, अवसंरचना, छात्र सहायता एवं उद्योग सहभागिता को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।