नेपाल सरकार के सख्त नियम पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जताई चिंता, कहा- हमारे आत्मीय और व्यापारिक रिश्ते
नेपाल में भारतीय के आने-जाने पर नेपाल सरकार द्वारा सख्त नियम लागू किए जाने पर उप्र सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने चिंता जताई है।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/जनमत न्यूज़। नेपाल में भारतीय के आने-जाने पर नेपाल सरकार द्वारा सख्त नियम लागू किए जाने पर उप्र सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने चिंता जताई है।
दयाशंकर सिंह ने कहा है कि हर रोज लाखों लोग भारत से नेपाल जाते है और लाखों लोग नेपाल से भारत आते है। दोनों देशों के आत्मीय और व्यापारिक रिश्ते रहे है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह पूर्व मंत्री हनुमंत सिंह के तेरही संस्कार में हिस्सा लेने बलरामपुर पहुंचे थे। उनके साथ बीजेपी विधायक पलटू राम भी थे।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने के लिए नेपाल सीमा से जुड़े जनपदों में प्रदेश सरकार द्वारा आईएसबीटी बनाए जा रहे है। बस अड्डे बनाए जा रहे है और बसो की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। ताकि आवागमन में कोई दिक्कत न हो।
उन्होंने कहा भारत के लोगों के रिश्तेदारी नेपाल में है और नेपाल के लोगों की रिश्तेदारी भारत में है। इसलिए हमारे पारस्परिक संबंध बना रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत नेपाल का रिश्ता बहुत पुराना है और इस रिश्ते को और बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दो देशों के बीच का मसला है।
भारत सरकार से मामला जुड़ा होने के कारण जनता से जुड़ी जो समस्याएं आएगी तो भारत सरकार को बताया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि भारत नेपाल दोनों देशों के बीच सदियों से रोटी बेटी का रिश्ता रहा है। जिसे लगातार बढ़ाने की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि नेपाल सरकार ने भारतीयों के नेपाल आने पर नियम कड़े किए है तथा अब सिर्फ आधार कार्ड नहीं बल्कि पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड अथवा भारत सरकार द्वारा अन्य दस्तावेज दिखाने पड़ेगे।
नेपाल सरकार के इस आदेश के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की परेशानी बढ़ जाएगी क्योंकि हजारों लोगो का प्रतिदिन भारत से नेपाल और नेपाल से भारत आना जाना होता है।




