वाराणसी: गंगा नदी में मछुआरों के जाल में फंसा मिला अति प्राचीन शिवलिंग, 2500 वर्ष पुराना होने का दावा

उप्र के वाराणसी की गंगा से शिवलिंग मिला है। इस शिवलिंग के लगभग 2500 वर्ष पुराना होने का दावा किया जा रहा है। शिवलिंग मिलने की सूचना पुरातत्व विभाग (ASI )को दी गई है।

वाराणसी: गंगा नदी में मछुआरों के जाल में फंसा मिला अति प्राचीन शिवलिंग, 2500 वर्ष पुराना होने का दावा
Published By- Diwaker Mishra

वाराणसी से उमेश सिंह की रिपोर्ट

वाराणसी/जनमत न्यूज़। उप्र के वाराणसी की गंगा से शिवलिंग मिला है। इस शिवलिंग के लगभग 2500 वर्ष पुराना होने का दावा किया जा रहा है। शिवलिंग मिलने की सूचना पुरातत्व विभाग (ASI )को दी गई है।

यह अद्भुत शिवलिंग वाराणसी के सूजाबाद-डोमरी क्षेत्र में मछुआरों के जाल में फंसा मिला। डोमरी घाट से करीब 200 मीटर दूर गंगा के बीच से शिवलिंग निकाला गया।

19 मछुआरों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जाल को घाट तक पहुंचाया। जाल भारी होने पर पहले बड़ी मछली फंसने का अनुमान लगा था। जाल खोलने पर मछलियों के साथ शिवलिंग मिलने से हड़कंप मच गया।

शिवलिंग मिलने की सूचना पर घाट और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। मछुआरों ने शिवलिंग को गंगा मंदिर के पुजारी लालबाबू निषाद को सौंप दिया।

मंदिर में जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और हल्दी-चंदन का लेप लगाकर शिवलिंग को स्थापित किया गया। पुजारी ने शिवलिंग की बनावट और स्वरूप के आधार पर इसे लगभग 2500 वर्ष पुराना बताया।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि शिवलिंग का डिजाइन काशी में स्थापित अन्य शिवलिंगों से अलग प्रतीत होता है। पुरातत्व विभाग (ASI) को सूचना भेजी गई, जांच के बाद ही शिवलिंग की वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व स्पष्ट होगा।