मुजफ्फरनगर: धरने की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग के कदम पर सवाल, कार्रवाई से पीछे हटने का आरोप

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मोहन प्रजापति द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए धरने की चेतावनी दिए जाने के बाद पुरकाजी क्षेत्र में दो दिन पहले की गई कार्रवाई को लेकर विभाग के पीछे हटने की बात सामने आई है।

मुजफ्फरनगर: धरने की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग के कदम पर सवाल, कार्रवाई से पीछे हटने का आरोप
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मोहन प्रजापति द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए धरने की चेतावनी दिए जाने के बाद पुरकाजी क्षेत्र में दो दिन पहले की गई कार्रवाई को लेकर विभाग के पीछे हटने की बात सामने आई है।

मोहन प्रजापति का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पहले कार्रवाई की जाती है और इसके बाद कुछ ही दिनों में अस्पतालों को दोबारा खोल दिया जाता है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए थे।

बताया जा रहा है कि मोहन प्रजापति ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में धरना देने की चेतावनी दी थी। इसके बाद पुरकाजी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्रवाई को वापस लिए जाने की बात सामने आई है। इस घटनाक्रम के बाद विभाग की कार्रवाई और उसके बाद लिए गए निर्णय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि पुरकाजी क्षेत्र में अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नियमों के तहत की गई थी, तो महज दो दिन बाद उस कार्रवाई से पीछे हटने की जरूरत क्यों पड़ी?

वहीं, यदि कार्रवाई में कोई कमी थी तो विभाग की ओर से इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से क्या कारण बताया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।