पशुओं की सही देखभाल से बढ़ेगा दूध उत्पादन, गर्भधारण में भी मिलेगी बेहतर सफलता: पशु चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर

पशुपालकों को पशुओं की बेहतर देखभाल, संतुलित आहार और समय पर पशु चिकित्सा सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के पशु चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने महत्वपूर्ण जानकारी दी।

पशुओं की सही देखभाल से बढ़ेगा दूध उत्पादन, गर्भधारण में भी मिलेगी बेहतर सफलता: पशु चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। पशुपालकों को पशुओं की बेहतर देखभाल, संतुलित आहार और समय पर पशु चिकित्सा सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के पशु चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं के स्वास्थ्य का सीधा असर उनके दुग्ध उत्पादन और प्रजनन क्षमता पर पड़ता है।

उन्होंने पशुपालकों से पशुओं को संतुलित आहार, पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पानी और आवश्यक खनिज तत्व उपलब्ध कराने के साथ समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील की।

गर्भवती पशुओं के लिए विशेष पोषण और देखभाल जरूरी है। पशु के गर्भधारण से लेकर प्रसव तक नियमित चिकित्सकीय सलाह लेने से कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

दूध बढ़ाने के लिए जरूरी है पशु का स्वास्थ्य

पशु को केवल अधिक चारा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी उम्र, नस्ल, वजन, दुग्ध उत्पादन और गर्भावस्था के अनुसार संतुलित आहार देना जरूरी है।

साफ-सफाई, पर्याप्त पानी और समय पर टीकाकरण भी पशु को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा देने के बजाय पशु चिकित्सक से सलाह लेने की अपील की गई।

नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान पर जोर

प्रदेश में पशुधन की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान सहित विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान तथा रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण जैसी गतिविधियां संचालित हैं।

पशुपालकों के लिए योजनाओं का लाभ

प्रदेश में पशुपालन विभाग के माध्यम से पशुधन विकास, रोग नियंत्रण, चारा विकास, डेयरी एवं पशुपालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है। पशुधन बीमा योजना के तहत भी पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा देने की व्यवस्था है।

पशुपालकों से अपील की गई कि वे अपने नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र/पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर अपने पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, प्रजनन, आहार और उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।