लखनऊ के RMLIMS में सीवीटीएस विभाग ने मनाया स्थापना दिवस, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को किया रेखांकित
उप्र की राजधानी लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ के कार्डियोवैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी (CVTS) विभाग ने 28 सितंबर को अपना स्थापना दिवस मनाया।
लखनऊ से शैलेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
लखनऊ/जनमत न्यूज़। उप्र की राजधानी लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ के कार्डियोवैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी (CVTS) विभाग ने 28 सितंबर को अपना स्थापना दिवस मनाया।
इस अवसर पर विभाग की अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया गया।
इसी दिन विभाग द्वारा पहली कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के रूप में 14 वर्षीय बालिका की पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (PDA) लिगेशन की गई थी। यह महत्वपूर्ण सर्जरी प्रो. डॉ. डी. के. श्रीवास्तव के नेतृत्व में की गई थी। पिछले वर्षों में विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
शुरुआती दौर में जहां सप्ताह में सीमित संख्या में सर्जरी होती थीं, वहीं वर्तमान में विभाग में प्रतिदिन 2–3 सर्जिकल केस किए जा रहे हैं। विभाग में वाल्व सर्जरी, कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG), थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी सहित विभिन्न प्रकार की जटिल सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध हैं।
विभाग में 19 बेड की ICU तथा 27 बेड का वार्ड है, जहां मरीजों को व्यापक उपचार एवं पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल प्रदान की जाती है।
इस अवसर पर प्रो. सी. एम. सिंह, निदेशक, RMLIMS ने विभाग की प्रगति की सराहना की और संस्थान की ओर से निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने विभाग को भविष्य में हार्ट ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ. अरविंद सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, एवं डॉ. राजन भटनागर, डीन, ने भी विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभाग के फैकल्टी सदस्यों, वर्तमान रेजिडेंट्स तथा पूर्व छात्रों (Alumni) ने भाग लिया। डॉ. अमित चौधरी, डॉ. संदीप गौतम, डॉ. अनुराग राय एवं डॉ. मनोज कुमार सहित विभाग के पूर्व छात्रों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष बनाया।
पूर्व छात्रों ने विभाग से जुड़ी अपनी यादें एवं अनुभव साझा किए तथा वर्तमान रेजिडेंट्स का मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया। इस अवसर ने विभाग की विभिन्न पीढ़ियों को एक साथ जोड़ते हुए इसकी निरंतर विकसित होती विरासत को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. डॉ. डी. के. श्रीवास्तव, डॉ. एन. के. श्रीवास्तव, अतिरिक्त प्रोफेसर; डॉ. शरण्या राय; डॉ. जूही श्रीवास्तव; डॉ. त्रिना मंडल; डॉ. शौर्य भटनागर एवं डॉ. विवेक कुमार द्वारा किया गया।
स्थापना दिवस समारोह ने वर्ष 2011 में पहली कार्डियोथोरेसिक सर्जरी से शुरू हुई विभाग की यात्रा से लेकर वर्तमान में उपलब्ध व्यापक कार्डियक, थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जिकल सेवाओं तक की प्रगति को रेखांकित किया। विभाग ने भविष्य में उन्नत कार्डियक सेवाओं के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



