सहारनपुर में अटेवा ने निकाली तिरंगा यात्रा, पुरानी पेंशन बहाली और TET से मुक्ति की उठाई मांग
उप्र के सहारनपुर में पुरानी पेंशन बहाली, सरकारी विभागों के निजीकरण के विरोध और शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्ति की मांग को लेकर आज अटेवा के बैनर तले सहारनपुर में तिरंगा यात्रा निकाली गई।
सहारनपुर से अनिल वर्मा की रिपोर्ट
सहारनपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के सहारनपुर में पुरानी पेंशन बहाली, सरकारी विभागों के निजीकरण के विरोध और शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्ति की मांग को लेकर आज अटेवा के बैनर तले सहारनपुर में तिरंगा यात्रा निकाली गई।
हकीकत नगर स्थित धरना स्थल से निकली यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।कार्यक्रम की अध्यक्षता जनार्दन चौहान ने की।
जिला अध्यक्ष रजनीश सहगल ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। वर्षों तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा मिलना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों के निजीकरण का असर केवल कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि आम जनता के हितों पर भी पड़ता है। कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से संगठन ने तीन प्रमुख मुद्दों को मजबूती से उठाया है-पुरानी पेंशन बहाल करो, निजीकरण बंद करो और शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करो।
जिला संयोजिका रीता गुप्ता एवं जिला महामंत्री पंकज सिरोही ने कहा, “तिरंगा हमारी शान है और पेंशन हमारा मान-सम्मान है।” उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करता रहेगा।
तिरंगा यात्रा के दौरान शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण के विरोध और TET से मुक्ति के समर्थन में नारे लगाए। यात्रा में शामिल लोगों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की मांग की।







