बरेली: SDM आंवला का अभद्र बयान; बोले - शिक्षक भूखे नंगे, यहां रोटी खाने चले आते हैं
आचार्य चाणक्य ने कहा था शिक्षक की गोद में प्रलय सृष्टि की रचना एवं प्राणियों के कल्याण का बीज पलता है। शिक्षक साधारण नहीं होता। वहीं दूसरी ओर यूपी के बरेली जनपद के SDM कहते हैं शिक्षक भूखे और नंगे हैं। जनपद बरेली के तहसील आंवला क्षेत्र का है।
बरेली से अनूप रायजादा की रिपोर्ट
बरेली/जनमत न्यूज़। आचार्य चाणक्य ने कहा था शिक्षक की गोद में प्रलय सृष्टि की रचना एवं प्राणियों के कल्याण का बीज पलता है। शिक्षक साधारण नहीं होता। वहीं दूसरी ओर यूपी के बरेली जनपद के SDM कहते हैं शिक्षक भूखे और नंगे हैं। जनपद बरेली के तहसील आंवला क्षेत्र का है।
एक शिक्षक के द्वारा पढ़कर ही एसडीएम बने एसडीएम आंवला ने शिक्षकों से बोला कि शिक्षक भूखे नंगे हैं। वह यहां रोटी खाने चले आते हैं।
देखने वाली बात होगी कि एसडीएम पर क्या कार्रवाई होती है। एसडीएम के कथित अभद्र बयान पर शिक्षक भड़के, मुर्दाबाद के नारे लगाए।
शिक्षकों का आरोप है कि एसडीएम ने उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि 'चले आते हैं भूखे-नंगे।' इस टिप्पणी से नाराज शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए। हंगामे की सूचना पर एसडीएम और कोतवाल मौके पर पहुंचे और शिक्षकों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया।



