उरई: रतनगढ़ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए जिला प्रशासन सतर्क, डीएम ने जारी किए निर्देश

उप्र के उरई के जिलाधिकारी समीर ने मध्य प्रदेश के दतिया जनपद स्थित प्रसिद्ध माता रतनगढ़ मंदिर में दीपावली दौज के अवसर पर 09 से 11 नवंबर तक आयोजित होने वाले विशाल मेले को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

उरई: रतनगढ़ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए जिला प्रशासन सतर्क, डीएम ने जारी किए निर्देश
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट 

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई के जिलाधिकारी समीर ने मध्य प्रदेश के दतिया जनपद स्थित प्रसिद्ध माता रतनगढ़ मंदिर में दीपावली दौज के अवसर पर 09 से 11 नवंबर तक आयोजित होने वाले विशाल मेले को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मेले में लगभग 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मेले में जनपद जालौन के नदीगांव, रतनपुरा, असवार, सेबढ़ा, भुआपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर श्रद्धालुओं को मेले की निर्धारित तिथियों, यात्रा मार्गों तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी उपलब्ध कराएं।

मेले में अगरबत्ती एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों, नारियल तथा पॉलीथिन के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंधों के संबंध में लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही ट्रैक्टरों में एक से अधिक ट्रॉली लगाकर यात्रा नहीं करने के लिए भी श्रद्धालुओं को जागरूक किया जाए, जिससे मार्ग दुर्घटनाओं एवं अन्य संभावित अप्रिय घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने उप जिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, पुलिस विभाग, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों एवं नगर निकायों को आपसी समन्वय से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं अन्य जनसंपर्क माध्यमों से दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारी निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि माता रतनगढ़ मेले में जाने वाले जनपद के श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम बनी रहे।