सहारनपुर डीएम ने जवाहर नवोदय विद्यालय का किया औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों से संवाद कर बढ़ाया उत्साह

उप्र के सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मिर्जापुर, अम्बेहटा चाँद, जनपद सहारनपुर का औचक निरीक्षण किया।

सहारनपुर डीएम ने जवाहर नवोदय विद्यालय का किया औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों से संवाद कर बढ़ाया उत्साह
Published By- Diwaker Mishra

सहारनपुर से अनिल वर्मा की रिपोर्ट

सहारनपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मिर्जापुर, अम्बेहटा चाँद, जनपद सहारनपुर का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, आवासीय, भोजन, पेयजल, खेल एवं अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया तथा विद्यालय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सबसे पहले विद्यालय के मेस किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता को स्वयं परखा तथा चम्मच चलाकर भोजन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने किचन में उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं की एक्सपायरी डेट भी स्वयं जांची।

साथ ही फ्रिज खोलकर उसमें रखी खाद्य सामग्री, उसकी स्थिति, स्वच्छता एवं रख-रखाव का भी निरीक्षण किया। उन्होंने किचन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में प्रयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता, उसके भंडारण, साफ-सफाई तथा खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गहनता से जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली प्रत्येक खाद्य सामग्री उच्च गुणवत्ता की एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। खाद्य सामग्री की खरीद से लेकर उसके भंडारण एवं भोजन तैयार करने तक प्रत्येक स्तर पर विशेष सावधानी बरती जाए। उन्होंने मेस को सदैव साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे देश का भविष्य हैं।

उनकी शिक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं पोषण का ध्यान रखना भी विद्यालय प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

जिलाधिकारी ने विद्यालय की पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने सुझाव दिया कि पानी की नियमित टेस्टिंग एवं उसकी रिपोर्ट के अभिलेखीकरण के लिए विद्यालय में एक अलग रजिस्टर रखा जाए। प्राचार्य ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने विद्यालय के बालक एवं बालिका छात्रावासों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था, कमरों की स्थिति, साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावासों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने तथा विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने

विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचकर शैक्षणिक व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की तथा उनकी पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की कॉपियां भी देखीं तथा रसायन विज्ञान की कॉपी का निरीक्षण कर उनकी पढ़ाई एवं लेखन कार्य का जायजा लिया।

उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन एवं लगन के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। कक्षा-6 में नवप्रवेशित विद्यार्थियों से उन्होंने विशेष रूप से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने बच्चों से घर की याद, माता-पिता से मिलने तथा परिवार के सदस्यों से फोन पर बातचीत करने के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने बच्चों को सहज वातावरण में रहने तथा विद्यालय में उपलब्ध सभी शैक्षणिक एवं अन्य अवसरों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।

विद्यालय के प्राचार्य ने जिलाधिकारी को विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि गत वर्ष विद्यालय के 09 छात्र-छात्राओं का आईआईटी तथा 02 छात्र-छात्राओं का नीट में चयन हुआ है।

उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों को बधाई दी तथा इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणाम देने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा।

उन्होंने विद्यालय में संचालित खेल गतिविधियों एवं खेल मैदानों की स्थिति की भी जानकारी ली। प्राचार्य ने बताया कि वर्तमान में विद्यालय के 13 छात्र-छात्राएं ताइक्वांडो तथा 02 छात्र हैंडबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने के लिए सीतापुर एवं हरिद्वार गए हुए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा की सराहना करते हुए खेल गतिविधियों को और प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में लगभग 305 मीटर सीसी रोड के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी गई। इस पर जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को संबंधित कार्य का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए तथा आश्वासन दिया कि प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।

विद्यालय के प्राचार्य ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जवाहर नवोदय विद्यालय में समस्त कार्य नवोदय विद्यालय समिति द्वारा निर्धारित मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार किए जाते हैं तथा निर्धारित व्यवस्थाएं सभी जवाहर नवोदय विद्यालयों में समान रूप से लागू हैं।

जिलाधिकारी ने विद्यालय के समस्त रख-रखाव एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक श्री जयकरण यादव से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अन्य विद्यालयों में भी जवाहर नवोदय विद्यालय की तरह बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, स्वच्छता एवं विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सर्वांगीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को मेस, छात्रावास, पेयजल, कक्षाओं एवं अन्य सभी व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के विद्यालय भ्रमण एवं विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद से छात्र-छात्राओं में उत्साह का संचार हुआ। उनके द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किए जाने से विद्यालय के प्रति अभिभावकों में भी विश्वास एवं सकारात्मक वातावरण और मजबूत होने की उम्मीद है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार गौतम सहित विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।