टीबी उन्मूलन की दिशा में भारत की प्रगति, मुजफ्फरनगर में भी अभियान को सफल बनाने पर जोर
टीबी (क्षय रोग) के मामलों में कमी लाने और देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ भारत सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। टीबी (क्षय रोग) के मामलों में कमी लाने और देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ भारत सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। सुदृढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टीबी की समय पर जांच, शीघ्र निदान और मरीजों को उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
केंद्र सरकार के टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में भी जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इसी क्रम में उप्र के जनपद मुजफ्फरनगर में सरकारी योजनाओं और अभियान की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने का महत्व बढ़ गया है।
जनपद में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका टीबी की पहचान, जांच और उपचार संबंधी सेवाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है। वहीं, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के प्रशासनिक नेतृत्व में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय को मजबूती मिल सकती है।
इसके साथ ही अपर जिला सूचना अधिकारी नर सिंह और उनकी टीम के माध्यम से सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी अभियानों की जानकारी जनता तक पहुंचाने में सूचना विभाग की भूमिका अहम है। जनसहभागिता बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने से टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति मिल सकती है।
टीबी के खिलाफ लड़ाई में समय पर जांच, नियमित उपचार, मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार और समाज की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण हैं। केंद्र सरकार के लक्ष्य को धरातल पर सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, सूचना विभाग और आमजन के संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं। टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब सरकारी प्रयासों के साथ समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूकता और सहयोग की जिम्मेदारी निभाएगा।



