कुशीनगर: लकड़ी हटाते समय जहरीले सांप ने डसा, मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान अधेड़ की मौत

उप्र के कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र के भैंसहा नौका टोला निवासी 55 वर्षीय शंभू विश्वकर्मा की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई।

कुशीनगर: लकड़ी हटाते समय जहरीले सांप ने डसा, मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान अधेड़ की मौत
Published By- Diwaker Mishra

कुशीनगर से प्रदीप यादव की रिपोर्ट

कुशीनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र के भैंसहा नौका टोला निवासी 55 वर्षीय शंभू विश्वकर्मा की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब 7 बजे कुशीनगर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार, शंभू विश्वकर्मा मंगलवार को घर पर लकड़ी हटा रहे थे। इसी दौरान लकड़ियों के बीच छिपे जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने की जानकारी उन्होंने तत्काल परिजनों को दी। इसके बाद परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसया लेकर पहुंचे।

सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर कुशीनगर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी में इलाज शुरू किया गया। कुछ समय इलाज के बाद मंगलवार शाम करीब 7 बजे उनकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे परिजन

शंभू विश्वकर्मा की मौत के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के इच्छुक नहीं थे। पुलिस ने उन्हें समझाया, जिसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की।

दो बेटों की जिम्मेदारी थी शंभू पर

शंभू विश्वकर्मा के दो बेटे हैं। बड़े बेटे की शादी हो चुकी है, जबकि छोटे बेटे की शादी की जिम्मेदारी भी शंभू के ऊपर थी। अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

समय से अस्पताल पहुंचने पर बच सकती थी जान

कुशीनगर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर कन्हैया चौरसिया ने बताया कि मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। उनके अनुसार, यदि मरीज करीब आधा घंटा पहले अस्पताल पहुंच जाता तो उसकी जान बचने की संभावना थी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद मरीज का उपचार किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।