उरई: अभ्युदय योजना की निशुल्क कोचिंग में अचानक पहुंचे डीएम-एसपी, छात्रों के बीच बैठकर परखी तैयारी
उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह गुरुवार को भ्रमण के दौरान दयानंद वैदिक कॉलेज पहुंचे।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह गुरुवार को भ्रमण के दौरान दयानंद वैदिक कॉलेज पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत यूपीएससी एवं नीट जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग दी जा रही थी।
अधिकारियों ने कक्षा में चल रही पढ़ाई को देखकर अचानक कक्षा में प्रवेश किया और विद्यार्थियों के पीछे कुर्सियों पर बैठकर काफी देर तक अध्यापन कार्य का अवलोकन किया।
कुछ समय बाद जब छात्र-छात्राओं को जानकारी हुई कि जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्वयं उनकी कक्षा में बैठकर पढ़ाई देख रहे हैं तो सभी विद्यार्थी खड़े होकर उनका अभिवादन करते हुए “गुड आफ्टरनून” बोले।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के बीच सहज वातावरण में संवाद करते हुए उनकी तैयारी, पढ़ाई के तरीके और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उनकी रणनीति के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी की प्रभावी रणनीति बताते हुए कहा कि प्रारंभिक तैयारी के दौरान सबसे पहले परीक्षा के पाठ्यक्रम, पात्रता मानदंड तथा पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का सही ढंग से विश्लेषण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तैयारी की शुरुआत विश्वसनीय एवं मूल स्रोतों, विशेषकर एनसीईआरटी की पुस्तकों से की जाए और इसके बाद विषयवार मानक पुस्तकों का अध्ययन किया जाए।
उन्होंने कहा कि केवल पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अध्ययन के साथ निरंतर अभ्यास भी जरूरी है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए बिंदुवार संक्षिप्त नोट्स तैयार करने तथा मुख्य परीक्षा के लिए लेखन शैली विकसित करते हुए नियमित उत्तर लेखन का अभ्यास करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
किसी भी विषय का अध्ययन करते समय उसके विभिन्न पहलुओं और बहुआयामी प्रभावों पर चिंतन-मनन करते हुए विषय को गहराई से समझने और आत्मसात करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अखिल भारतीय स्तर की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले अनेक विद्यार्थी सामान्य एवं साधारण परिवेश से आते हैं, लेकिन उनके प्रयास असाधारण होते हैं।
उन्होंने कहा कि सफलता केवल संसाधनों पर निर्भर नहीं होती, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में किए गए प्रयास से हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि दृढ़ता, इच्छाशक्ति, आत्मजागरूकता और धैर्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के प्रमुख स्तंभ हैं। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निरंतरता और आत्मविश्वास बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर पूरी मेहनत और लगन से तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।




