प्रतापगढ़: अजगरा महोत्सव में होगा ‘द ग्रेट अजगरा डिबेट’, 1427 डिबेटर्स में से चुना जाएगा ‘आज का युधिष्ठिर’

उप्र के प्रतापगढ़ जनपद का अजगरा महोत्सव इस बार केवल सांस्कृतिक रंग में नहीं रंगेगा, बल्कि भारतीय चिंतन, संवाद और तर्क-वितर्क की प्राचीन परंपरा को भी नया मंच देगा।

प्रतापगढ़: अजगरा महोत्सव में होगा ‘द ग्रेट अजगरा डिबेट’, 1427 डिबेटर्स में से चुना जाएगा ‘आज का युधिष्ठिर’
Published By- Diwaker Mishra

प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट

प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद का अजगरा महोत्सव इस बार केवल सांस्कृतिक रंग में नहीं रंगेगा, बल्कि भारतीय चिंतन, संवाद और तर्क-वितर्क की प्राचीन परंपरा को भी नया मंच देगा। महोत्सव में पहली बार द ग्रेट अजगरा डिबेटका आयोजन किया जाएगा।

इसमें जिले की ग्राम पंचायतों और वार्डों से चयनित प्रतिभागी अपनी तर्क क्षमता और विचार रखने की कला का प्रदर्शन करेंगे। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि भारतीय परंपरा में अजगरा का विशेष महत्व है।

उन्होंने यक्ष-युधिष्ठिर संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि अजगरा का ऐतिहासिक तालाब, जहां यक्ष ने युधिष्ठिर से प्रश्न किए थे, भारतीय चिंतन और संवाद की परंपरा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

पंचायत और वार्ड चुनेंगे अपना सर्वश्रेष्ठ डिबेटर द ग्रेट अजगरा डिबेटके लिए जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत और वार्ड से सर्वश्रेष्ठ डिबेटर का चयन किया जाएगा।

डीएम के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में कुल 1,427 डिबेटर्स शामिल होंगे। विभिन्न चरणों में चयन के बाद इनमें से आठ प्रतिभागियों को अंतिम मुकाबले के लिए चुना जाएगा।

ये आठ प्रतिभागी 17 सितंबर को रानीगंज क्षेत्र के अजगरा में आमने-सामने होंगे और विचार, तर्क तथा संवाद की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। आठ प्रतिभागियों के बीच होगा महामुकाबला अजगरा की धरती पर होने वाले इस महामुकाबले में आठ प्रतिभागी एक-दूसरे के सामने अपने विचार रखेंगे।

इसी बहस के आधार पर एक प्रतिभागी को आज का युधिष्ठिरचुना जाएगा। आयोजन का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों में प्रश्न पूछने, तर्क करने, अपने विचार रखने और स्वस्थ संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

प्राचीन संवाद परंपरा को मिलेगा आधुनिक मंच डीएम अभिषेक पांडेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हजारों वर्ष पहले प्रश्न, तर्क और संवाद की समृद्ध परंपरा रही है। समय के साथ यह परंपरा कमजोर हुई है।

अजगरा महोत्सव के माध्यम से इसे आधुनिक मंच पर फिर से जीवंत करने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार अजगरा महोत्सव में सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों के साथ बौद्धिक विमर्श भी प्रमुख आकर्षण रहेगा।

द ग्रेट अजगरा डिबेटजिले के अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को ऐसा मंच देगा, जहां उनकी पहचान केवल वक्ता के तौर पर नहीं, बल्कि उनकी तर्क शक्ति, विचार क्षमता और संवाद कौशल के आधार पर होगी।

अब सभी की निगाहें 17 सितंबर पर टिकी हैं। इसी दिन अजगरा की धरती पर आठ प्रतिभागियों के बीच होने वाले महामुकाबले में तय होगा कि कौन बनेगा आज का युधिष्ठिर