संभल में 47 हजार राशन कार्ड निरस्त, गलत तरीके से लाभ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू

उप्र के संभल जनपद में सरकारी राशन व्यवस्था में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। शासन के निर्देश पर हुए राशन कार्ड सत्यापन में जिले में करीब 47 हजार कार्ड अपात्र सामने आए हैं। सत्यापन के बाद इन राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है।

संभल में 47 हजार राशन कार्ड निरस्त, गलत तरीके से लाभ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू
Published By- Diwaker Mishra

संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में सरकारी राशन व्यवस्था में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। शासन के निर्देश पर हुए राशन कार्ड सत्यापन में जिले में करीब 47 हजार कार्ड अपात्र सामने आए हैं। सत्यापन के बाद इन राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है।

मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सरकारी राशन का लाभ गलत तरीके से लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम अंकित खंडेलवाल ने अपात्र राशन कार्डों के जरिए सरकारी राशन का लाभ लेने वालों से नियमानुसार वसूली के निर्देश दिए हैं।

संभल नगर क्षेत्र में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। अगर जांच में अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के जनपद  संभल जिले में सरकारी राशन कार्ड धारकों का व्यापक सत्यापन कराया गया, जिला आपूर्ति विभाग और तहसील स्तरीय समितियों के माध्यम से 18 निर्धारित मानकों पर राशन कार्डों की जांच की गई,सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्ड सामने आए।

जिनके धारक सरकारी राशन की पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते थे, जांच के बाद करीब 47 हज़ार कार्ड निरस्त किए गए है। सत्यापन में सामने आए मामलों के बाद जिला प्रशासन ने सरकारी राशन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।

डीएम अंकित खंडेलवाल ने अपात्र राशन कार्डों के जरिए सरकारी राशन का लाभ लेने वालों से नियमानुसार बसूली  के निर्देश दिए हैं, यानी जिन लोगों ने पात्रता नहीं होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ लिया है, उनसे नियमों के तहत सरकारी खाद्यान्न की कीमत की वसूली की जाएगी।

वहीं, संभल नगर क्षेत्र में राशन कार्ड बनवाने में कथित अनियमितताओं को लेकर भी प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं,डीएम ने पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही यह भी पता लगाने को कहा गया है कि अपात्र लोगों के राशन कार्ड कैसे बने और इस पूरी प्रक्रिया में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका रही या नहीं। अगर जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 

47 हजार अपात्र राशन कार्डों के खुलासे के बाद जिला आपूर्ति विभाग भी लगातार एक्शन में है, जनपद में सरकारी राशन की दुकानों पर निरीक्षण और जांच की कार्रवाई जारी है। राशन वितरण में घटतौली, अनियमितता और पात्र लाभार्थियों को उनके निर्धारित कोटे के मुताबिक राशन नहीं मिलने जैसी शिकायतों को लेकर भी विभाग की टीमें जांच कर रही हैं।

बता दें कि चंदौसी में करीब तीन दिन पहले सरकारी राशन वितरण में घटतोली  का मामला सामने आया था,राशन वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद जिला आपूर्ति विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है।

अब बड़ी संख्या में अपात्र राशन कार्ड मिलने और राशन वितरण में अनियमितताओं के मामलों ने जिले की सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि पात्र लाभार्थियों तक उनका हक पहुंचाने और सरकारी राशन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

संभल में सरकारी राशन व्यवस्था में सामने आए। इन मामलों के बाद जिला प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एक तरफ करीब 47 हजार अपात्र राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, तो दूसरी तरफ राशन की दुकानों पर भी जांच और निरीक्षण की कार्रवाई जारी है।

संभल जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि अगर कार्ड बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति अपात्र होने के बावजूद राशन ले रहा है, तो उससे भी वसूली के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही शासन की जितनी भी अन्य योजनाएं हैं, चाहे आयुष्मान कार्ड की योजना हो या किसी प्रकार की पेंशन योजना, उनका भी पुनः सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे अगर किसी तरह से अपात्र लोग सामने आते हैं, तो समय रहते उसे ठीक किया जा सके।