अमेठी: नवरात्र में महिला सुरक्षा का रोडमैप तैयार, मनचलों पर रहेगी पैनी नजर; शोहदों पर कसेगा शिकंजा

आगामी शारदीय नवरात्र के दृष्टिगत मिशन शक्ति अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को उप्र के अमेठी जनपद के पुलिस कार्यालय गौरीगंज में गोष्ठी आयोजित की गई।

अमेठी: नवरात्र में महिला सुरक्षा का रोडमैप तैयार, मनचलों पर रहेगी पैनी नजर; शोहदों पर कसेगा शिकंजा
Published By- Diwaker Mishra

अमेठी में राम मिश्रा की रिपोर्ट

अमेठी/जनमत न्यूज़। आगामी शारदीय नवरात्र के दृष्टिगत मिशन शक्ति अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को उप्र के अमेठी जनपद के पुलिस कार्यालय गौरीगंज में गोष्ठी आयोजित की गई।

पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने जिले के थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के नोडल अधिकारियों तथा बीट पर तैनात महिला पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।

बीट उपनिरीक्षक, मिशन शक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी तथा महिला बीट आरक्षी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा दें और ग्राम चौपाल आयोजित कर महिलाओं एवं बालिकाओं की समस्याएं सुनें। समस्याओं के प्रभावी निस्तारण के साथ उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए।

गोष्ठी में महिलाओं को 1090 वूमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा तथा 1930 साइबर हेल्पलाइन की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और महिलाओं से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने तथा पंपलेट वितरित कर जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। एसपी ने स्कूल-कॉलेजों के खुलने और बंद होने के समय तथा महिला छात्रावासों के आसपास एंटी-रोमियो टीम को सक्रिय रूप से भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले मनचलों और शोहदों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी एवं सुचारु संचालन में आने वाली समस्याओं और सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों एवं महिला पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि महिलाओं में आत्मसुरक्षा का भाव पैदा करने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।