पीलीभीत में BSA के छापे से हड़कंप, 3 शिक्षकों का रोका वेतन; 3 प्रधानाध्यापकों से मांगा स्पष्टीकरण
उप्र के पीलीभीत जनपद की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) रोशनी सिंह ने मंगलवार को मरौरी ब्लॉक के 5 परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
पीलीभीत से प्रेम पाठक की रिपोर्ट
पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) रोशनी सिंह ने मंगलवार को मरौरी ब्लॉक के 5 परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण की खबर मिलते ही पूरे ब्लॉक के स्कूलों में हड़कंप मच गया
बीएसए सबसे पहले सुबह 8:30 बजे प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर पहुंचीं। यहां सहायक अध्यापिका पूजा कुमारी, अर्चना गंगवार और शिक्षामित्र रेनू शर्मा अनुपस्थित मिलीं। बीएसए ने तीनों का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए। विद्यालय परिसर और शौचालयों में भारी गंदगी मिलने पर प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई।
जूनियर हाईस्कूल मोहनपुर में शौचालय गंदा और अन्य व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त मिलीं। बीएसए ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया। कंपोजिट विद्यालय देवीपुरा के शौचालय में भी गंदगी मिली। यहां भी प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा गया।
प्राथमिक विद्यालय गुर्ज गोटिया की स्थिति सबसे खराब मिली। मैदान में व्यापक गंदगी थी। प्रधानाध्यापिका अवकाश पर थीं। बीएसए ने स्टाफ को साफ-सफाई के कड़े निर्देश दिए।
वहीं, प्राथमिक विद्यालय घेरा रिछोला में सभी व्यवस्थाएं बेहतर मिलीं। शिक्षामित्र हेमवती बच्चों को पढ़ाती मिलीं। मिड-डे मील की गुणवत्ता भी अच्छी थी। बीएसए ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया और अच्छी व्यवस्था के लिए शिक्षामित्र हेमवती की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान बीएसए ने सभी शिक्षकों को छात्र-छात्राओं की डिजिटल अटेंडेंस अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। वहीं, बीएसए रोशनी सिंह ने कहा लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। साफ-सफाई और समय से स्कूल आना हर शिक्षक की जिम्मेदारी है। आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।







