हरदोई अदालत परिसर में केजीएमसी के बड़े बाबू को पड़ा हार्ट अटैक, डॉक्टर ने बचाई जान
उप्र के हरदोई न्यायालय में शासकीय कार्य निपटाकर बाहर निकले केजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बड़े बाबू की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट
हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई न्यायालय में शासकीय कार्य निपटाकर बाहर निकले केजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बड़े बाबू की अचानक तबीयत बिगड़ गई। एडीजे-6 अदालत में दस्तावेज जमा करके बाहर निकलते ही कोर्ट परिसर में अचानक उनके सीने में दर्द उठा।
कोर्ट के कर्मचारी ने उन्हें पहले परिसर स्थित अस्पताल फिर वहां से मेडिकल कॉलेज लेकर आए। मेडिकल कालेज के हृदय रोग विशेषज्ञ ने उन्हें थ्रोम्बोलाइज कर लखनऊ स्थित लॉरी के लिए रेफर कर दिया।
लखनऊ के फैजुल्लागंज निवासी और केजीएमसी में अधीक्षक कार्यालय में बड़े बाबू व सांख्यिकी अनुभाग के प्रभारी अशोक कुमार बुधवार को कोर्ट के काम से हरदोई आए थे। एडीजे-6 की अदालत में क्लेम से संबंधित दस्तावेज जमा करने के बाद जैसे ही वह कोर्ट से बाहर निकले, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
सीने में तेज दर्द के साथ वह पसीने से तरबतर हो गए। हालत बिगड़ती देख कोर्ट कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल परिसर स्थित अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें एंबुलेंस से हरदोई मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
यहां हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य कुमार झींगरन ने जांच के बाद उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया। डॉक्टर ने बताया कि अशोक कुमार को इन्फीरियर वॉल मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) हुआ था। दिल की पिछली दीवार को रक्त पहुंचाने वाली नसों में ब्लॉकेज मिला।
डॉक्टर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने के समय मरीज की हालत बेहद गंभीर थी। वह कुछ समय के लिए अचेत अवस्था में थे और ब्लड प्रेशर भी रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था। तत्काल उपचार के तहत टेनेक्टोप्लेस इंजेक्शन देकर थ्रोम्बोलाइज किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे उनके वाइटल्स स्थिर होने लगे।
मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य कुमार झींगरन ने बताया कि अशोक कुमार स्थिति इतनी नाजुक थी कि उनका ब्लड प्रेशर तक रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था। इसलिए उनको थ्रोम्बोलाइज किया गया। बताया कि थ्रोम्बोलाइज प्रक्रिया से मरीज को शुरुआती जीवनदान तो मिल गया है, लेकिन स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है।
दिल की ब्लॉक नसों का सटीक आकलन करने के लिए अब उनकी एंजियोग्राफी की जानी है, जिसके बाद प्रभावित धमनी को खोलने के लिए एंजियोप्लास्टी की जाएगी। इसके लिए उन्हें विशेष स्टेमी केयर प्रोटोकॉल के तहत तुरंत लारी कार्डियोलॉजी सेंटर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया है।



